बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
Enjoy Every Movement of life!
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
तुम कहते तो तुम्हए फिक्र है हमारी,
फिर क्यों तुम्हारी बातों मे हमारा जिक्र नहीं।
दिल का हाल चेहरे पर बयान कर दे, आंखें ऐसी होती हैं..
जिसे देखने को तरसती हैं, उसी को देख के रोती हैं..
प्यार हो अगर किसी से, तो थकने पर भी ना सोती हैं..
अपनी होकर भी किसी ओर के लिए रोदे, ये आंखें कितनी बेवफा होती हैं.❤️