बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
Enjoy Every Movement of life!
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
Jab se dekha hai tujhe, main khud ko bhula betha hu,
Jb se chaha hai tujhe, main khud ko mita betha hu..
Na jane kya manzoor hoga kismat ko.. Main toh khud ki sansein tere naam likha betha hu…
