बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..
Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!