बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
Enjoy Every Movement of life!
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
वो जानती थी फिर भी दीखाया उसने
हाथ उसका किसे और के हाथ में थमाया उसने
और हमने कहा था हमारे जितना नही कर पाओगी
हमसे ज्यादा किसे और से ईश्क करके दिखाया उसने
Byan nahi hota ab haal-e-dil humse
Tum samjh jao khud se to khuda ki rehmat samjhein hum..!!
बयान नहीं होता अब हाल-ए-दिल हमसे
तुम समझ जाओ खुद से तो खुदा की रहमत समझें हम..!!