बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
Enjoy Every Movement of life!
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
Haddaan ohde lyi paar karo
Jehra tuhade layi be hadd howe
ਹੱਦਾਂ ਓਹਦੇ ਲਈ ਪਾਰ ਕਰੋ
ਜਿਹੜਾ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਬੇ-ਹੱਦ ਹੋਵੇ – ਹੰਕਾਰੀ
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।