माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
बहुत कुछ सहकरके तुम्हे बड़ा किये है!!
तुम्हे अपने पैरो पर खड़ा किये है,
तुम्हारे खुशियों के अलावा कुछ न चाह रखते है,
तुम्हारे मुस्कराहट के सिवा कुछ न मांग करते है!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
खुद से पहले तुम्हे खिलाते थे!!
जब तुम रोते थे तो खुद बच्चे बन जाते थे,
खुद जागकर तुम्हे सुलाते थे,
घुटनों में बैठ के तुम्हे चलना सिखाते थे!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
शिक्षक बन तुम्हे पढाया!!
दर्द सहते हुए भी तुम्हे हसाया,
तुम इस ओहदे पर पहुचे हो,
तुम्हे इस काबिल बनाया!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना!!
Zindagi de panneya nu dhiyan naal padh ke samjhi..
Kahli vich padh ke aksar nasamjhiyan hundiya ne..
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪੰਨਿਆਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਸਮਝੀ..
ਕਾਹਲੀ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਅਕਸਰ ਨਾਸਮਝੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨੇ