
Tenu chahun di chahat meri ve..!!
Tenu Ki dassa mein sajjna ve
Kinni talab menu e teri ve..!!

मैं ख्वाबों से निकल कर हकीकत में आऊं,
तुम हाथ अगर बढ़ाओ तो मैं दिल से बात बढ़ाऊं,
अगर मगर काश में कब तक रहेंगे,
बात जो दिल में न जाने कब से अल्फाजों में उसे समझाउ,
माना बहुत अलग है किरदार हम दोनों के,
तुम अगर बोलो तो अलग अलग किरदार से खूबसूरत साहित्य अपना लिख जाउ❤️
सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap