Ik tu aa sajna
Jihnu ki saadi yaad he ni ondi,
Te ik teri yaad aa marjaniye
Jo ik pal v mere ton door ni jaandi…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Ik tu aa sajna
Jihnu ki saadi yaad he ni ondi,
Te ik teri yaad aa marjaniye
Jo ik pal v mere ton door ni jaandi…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Supne chuur hoye te chuur hoya main
Jide Bina jeen baare socheya ni oonu shaddan lyi majboor hoya main
Oo Hasdi rve main khush rhun Pher ki hoya je chuur hoya main
मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——