
Koi bhulle bhtke raah wargi..!!
Teri yaad Hawa vich ghul gyi e
Kise aunde jande saah wargi..!!

Main khush hu mujhe khush rehne do,
Main dur hu mohabbaton ke wehamon se mujhe dur rehne do….!!!
मैं खुश हूं मुझे खुश रहने दो,
मैं दूर हूं मोहोब्बतों के वहमों से मुझे दूर रहने दो….!!!
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”