
aankho me kaali shaam hai
khoobsurat hai tu jannat c
chand taare to yuhi badnaam hai
mere paas shabad nahi hai
likhne ko tujhme kuch aisi baat hai
waise to mai tujhe jaanta nahi
par tujhme apna sa ehsaas hai

आज तू कही नहीं है ,
फिर भी नेरे हर ख्याल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे दिल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी आँखों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी यादों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी रग रग में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे रोम रोम में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी हर चेहरे में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी धड़कनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी सांसो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे सपनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मुझमे इस कदर समाया है तू
जिस कदर रात में अँधेरा

Ni tainu main pyaar kita
jive ik kandiyaali thohar nu dil te sajaayiaa
jaan bujh k kandhe dil te chubaaye
te khoon aakhiyaan raahi vahayiaa