Enjoy Every Movement of life!
Likhna nai c aunda ohdi yaad likhaundi aa
jihnu sadha kyaal nahi oh chete aundi aa
ਲਿਖਣਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਆਉਂਦਾ ਉਹਦੀ ਯਾਦ ਲਿਖਾਉਂਦੀ ਆ
ਜਿਹਨੂੰ ਸਾਡਾ ਖਿਆਲ ਨਹੀ ਉਹ ਚੇਤੇ ਆਉਂਦੀ ਆ
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
