Ohh din purane,
Te teriyan gallan,
Mainu bhut chete ondiyan ne.
Jad pae jawan sir rakh takkiye (pillow) te,
Neend te nhi,
Meriyan akhan bhar ondiyan ne…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Ohh din purane,
Te teriyan gallan,
Mainu bhut chete ondiyan ne.
Jad pae jawan sir rakh takkiye (pillow) te,
Neend te nhi,
Meriyan akhan bhar ondiyan ne…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Sapna hai ankhon mein… magar nind kahi aur hai
Dil❤ to hai jisam mein… magar dhadkan💕 Kahin aur hai..
Kaise byan karein apna haal-e-dil ❤
Ji to rahe hain… magar zindagi kahi aur hai..
सपना है आखो में… मगर नींद कहीं और है।
दिल❤ तो हैं जिस्म में… मगर धड़कन💕 कहीं और है।।
कैसे बयान करें अपना हाल-ए-दिल❤
जी तो रहें हैं… मगर जिंदगी कहीं और है।
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।