Ohh din purane,
Te teriyan gallan,
Mainu bhut chete ondiyan ne.
Jad pae jawan sir rakh takkiye (pillow) te,
Neend te nhi,
Meriyan akhan bhar ondiyan ne…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Ohh din purane,
Te teriyan gallan,
Mainu bhut chete ondiyan ne.
Jad pae jawan sir rakh takkiye (pillow) te,
Neend te nhi,
Meriyan akhan bhar ondiyan ne…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
Ek baat kahu🙊 kya izazat❣ hai
Tere ishq 💕ki mujhko aadat😘 hai🙈
एक बात कहूँ 🙊 क्या इज़ाज़त ❣ है
तेरे इश्क़💕की मुझको आदत😘 है 🙈
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है