दे सलामी इस तिरंगे को,
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,
जब तक दिल में जान हैं।❣️
दे सलामी इस तिरंगे को,
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,
जब तक दिल में जान हैं।❣️
मोहब्बत धूप में छाँव की तरह है
धूप जमाने की तरह
तुम छाँव में रुकना मत यही छाँव ठण्ड में तुम्हें सतायेगी
ठण्ड समझदार की तरह
ये ठण्ड तुम्हें धूप की ओर ले जाएगी
धूप तुम्हे अंधेरे में छोड़ जाएगी
अंधेरे दो तरह की है
पहले में मां बाप साथ है दूसरे में उनकी याद
इसीलिये तो मां बाप अंधेरो में जीना सिखाते है
ताकी जब दूसरा अंधेरा आए तो तुम कहो
अंधेरो आओ अब हम तुम्हें रास्ता दिखाते है
उसकी अहमियत है क्या, बताना भी ज़रूरी है !
है उससे इश्क़ अग़र तो जताना भी ज़रूरी है !!
अब काम लफ़्फ़ाज़ी से तुम कब तक चलाओगे !
उसकी झील सी आंखों में डूब जाना भी ज़रूरी है !!
दिल के ज़ज़्बात तुम दिल मे दबा कर मत रखो !
उसको देख कर प्यार से मुस्कुराना भी ज़रूरी है !!
उसे ये बारहा कहना वो कितना ख़ूबसूरत है !
उसे नग्मे मोहब्बत के सुनाना भी ज़रूरी है !!
किसी भी हाल में तुम छोड़ना हाथ मत उसका !
किया है इश्क़ गर तुमने, निभाना भी ज़रूरी है !!
सहर अब रूठना तो इश्क़ में है लाज़मी लेकिन !
कभी महबूब गर रूठे तो मनाना भी ज़रूरी है !!