तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।
तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
koi warat ke saanu chhadd janda
koi parakh ke dil cho kadh janda
koi rehnda zindagi ch chaar pal sajjna
e waqt waqt di gal sajjna
koi ajh tera koi kal sajjna
ਕੋਈ ਵਰਤ ਕੇ ਸਾਨੂੰ ਛੱਡ ਜਾਂਦਾ🥀..
ਕੋਈ ਪਰਖ ਕੇ ਦਿਲ 💔ਚੋ ਕੱਢ ਜਾਂਦਾ..
ਕੋਈ ਰਹਿੰਦਾ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਚ👉🏻 ਚਾਰ ਪਲ ਸੱਜਣਾ..
ਏ ਵਕਤ ਵਕਤ ਦੀ ਗੱਲ 😊ਸੱਜਣਾ..
ਕੋਈ ਅੱਜ ਤੇਰਾ ਕੋਈ ਕੱਲ੍💝 ਸੱਜਣਾ..