तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।
तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।
Je tu ajh suta reh gya
taan zindagi teri supneyaa ch langegi
je ajh jaag gya taan supne v
haqeeqat bann jange
ਜੇ ਤੂੰ ਅੱਜ ਸੁੱਤਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
ਤਾਂ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤੇਰੀ ਸੁਪਣਿਆਂ ‘ਚ ਲੰਘੇਗੀ
ਜੇ ਅੱਜ ਜਾਗ ਗਿਆ ਤਾਂ ਸੁਪਣੇ ਵੀ
ਹਕੀਕਤ ਬਣ ਜਾਣਗੇ