तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।
Enjoy Every Movement of life!
तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
