too badanaam na ho,
sirph isaliye jee raha hoon mai,
varana teree chaukhat pe marane ka,
iraada to roz hee hota hai
तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै,
वरना तेरी चौखट पे मरने का,
इरादा तो रोज़ ही होता है
too badanaam na ho,
sirph isaliye jee raha hoon mai,
varana teree chaukhat pe marane ka,
iraada to roz hee hota hai
तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै,
वरना तेरी चौखट पे मरने का,
इरादा तो रोज़ ही होता है
Jinni kol e naina de kajla ve
Onni kol tere rehna e sajjna ve..!!
ਜਿੰਨੀ ਕੋਲ ਏ ਨੈਣਾ ਦੇ ਕਜਲਾ ਵੇ
ਓਨੀ ਕੋਲ ਤੇਰੇ ਰਹਿਣਾ ਏ ਸੱਜਣਾ ਵੇ..!!
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।