too badanaam na ho,
sirph isaliye jee raha hoon mai,
varana teree chaukhat pe marane ka,
iraada to roz hee hota hai
तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै,
वरना तेरी चौखट पे मरने का,
इरादा तो रोज़ ही होता है
too badanaam na ho,
sirph isaliye jee raha hoon mai,
varana teree chaukhat pe marane ka,
iraada to roz hee hota hai
तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै,
वरना तेरी चौखट पे मरने का,
इरादा तो रोज़ ही होता है
Ek baat hai jo kabse humein, samajh nhi aa rhi..
Aadat gam chupane ki humse, badli nhi ja rhi..
Dekha hai logo ko bant te huye, gam dusro ke sath..
Kaash baant le mera bhi koi, ab aur chupane ki, jagah na rahi…💔
एक बात है जो कबसे हमें, समझ नहीं आ रही..
आदत गम छुपाने की हमसे, बदली नहीं जा रही..
देखा है लोगों को बांटते हुए, गम दूसरों के साथ..
काश बांट ले मेरा भी कोई, अब और छुपाने की, जगह ना रही…💔
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...