टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
Enjoy Every Movement of life!
टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये

Eh na samaj us rabb ne kade vekheya ni
mandir maseetan ch ja ke tu kyu nak ragre
oh nahi kade milna jo tere lakhaan ch nahi
कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..