टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
Enjoy Every Movement of life!
टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
Har baat ko byan karne ke liye lafaz zaroori to nahi
Kuch baton ko ankhein bhi khub byan karti hain..!!
हर बात को बयान करने के लिए लफ्ज़ ज़रूरी तो नहीं
कुछ बातों को आँखें भी खूब बयान करती हैं..!!
” Kuch is trha uljhi he mere hatho ki lakeere
uski lakiro ke sath…
Adhure jo hm hue,
To muqammal wo b nhi honge.…”
By Zareen khan…