टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
Enjoy Every Movement of life!
टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
