टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
Enjoy Every Movement of life!
टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...
