Pyar de kosh ch “mein” nhi hundi
Jithe “mein” howe othe pyar nhi hunda..!!
ਪਿਆਰ ਦੇ ਕੋਸ਼ ‘ਚ “ਮੈਂ” ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ
ਜਿੱਥੇ “ਮੈਂ” ਹੋਵੇ ਉੱਥੇ ਪਿਆਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ..!!
Pyar de kosh ch “mein” nhi hundi
Jithe “mein” howe othe pyar nhi hunda..!!
ਪਿਆਰ ਦੇ ਕੋਸ਼ ‘ਚ “ਮੈਂ” ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ
ਜਿੱਥੇ “ਮੈਂ” ਹੋਵੇ ਉੱਥੇ ਪਿਆਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ..!!
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
Vehla time tw har koi gll kr lenda sajna,
pyar tw oh hunda,
jdo km krde hoye v ohda khyaal dil cho na jave ,
Lakh busy hoiya pave pr yaar lyi time kad k layiye