Sachi mohobat kaha hai aaj ke zamane me
yaha pyar roj bikta hai mehkhane me
सची मोहबत कहा है आज के जमाने मे,
यहाँ प्यार रोज बिकता है मेहखाने में
Sachi mohobat kaha hai aaj ke zamane me
yaha pyar roj bikta hai mehkhane me
सची मोहबत कहा है आज के जमाने मे,
यहाँ प्यार रोज बिकता है मेहखाने में
मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...
kujh rishte eo muk jande ne
jive rukh nu lage kujh pate suk jande ne
ਕੁਝ ਰਿਸ਼ਤੇ ਇਓ ਮੁੱਕ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..
ਜਿਵੇ ਰੁੱਖ ਨੂੰ ਲੱਗੇ ਕੁਝ ਪੱਤੇ ਸੁੱਕ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..