Kabhi chah ke bhi agar kisi ki baaton pe yakeen na ho to…
Uski ankhon mein dekh lena
kyuki zubaan jhuth bol sakti hai par ankhein nahi 🙌
Kabhi chah ke bhi agar kisi ki baaton pe yakeen na ho to…
Uski ankhon mein dekh lena
kyuki zubaan jhuth bol sakti hai par ankhein nahi 🙌
ja jaakar dhadak usake seene mein ai dil,
ham usake bina jee rahe hai to tere bina bhee jee lenge…
जा जाकर धड़क उसके सीने में ऐ दिल,
हम उसके बिना जी रहे है तो तेरे बिना भी जी लेंगे…
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।