Kisi sehra mein mehkta gulistan na ho jau
Har aib sudhar lu to farishta na ho jau…🙌💯
किसी सहरा में महकता गुलिस्तान न हो जाऊ….
हर ऐब सुधार लू तो फरिश्ता ना हो जाऊ….🙌💯
Kisi sehra mein mehkta gulistan na ho jau
Har aib sudhar lu to farishta na ho jau…🙌💯
किसी सहरा में महकता गुलिस्तान न हो जाऊ….
हर ऐब सुधार लू तो फरिश्ता ना हो जाऊ….🙌💯
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Upar jiska ant na ho use aasmaa kehte hai
aur dharti par jiska ant na ho use maa kehte hai
उपर जिसका अंत ना हो उसे आसमां कहते हैं,
और धरती पर जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।
-विक्रम