Kisi sehra mein mehkta gulistan na ho jau
Har aib sudhar lu to farishta na ho jau…🙌💯
किसी सहरा में महकता गुलिस्तान न हो जाऊ….
हर ऐब सुधार लू तो फरिश्ता ना हो जाऊ….🙌💯
Kisi sehra mein mehkta gulistan na ho jau
Har aib sudhar lu to farishta na ho jau…🙌💯
किसी सहरा में महकता गुलिस्तान न हो जाऊ….
हर ऐब सुधार लू तो फरिश्ता ना हो जाऊ….🙌💯
Tenu paun di koi Jada khwahish nahi🙃
Bas talab eh ke nazran de sahwein rahe tu❤️..!!
ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਕੋਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖ਼ਵਾਹਿਸ਼ ਨਹੀਂ🙃
ਬਸ ਤਲਬ ਇਹ ਕਿ ਨਜ਼ਰਾਂ ਦੇ ਸਾਹਵੇਂ ਰਹੇ ਤੂੰ❤️..!!
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…