Vich rishte khuda da vaas howe..!!
Rooh di rooh naal sohbat howe
Saadgi bhari mohobbat howe..!!
हर रोज़ आईने से पूछा करते हैं, बता हमारी तक़दीर में क्या है,
ये अकेलापन कभी तो हमारा साथ छोड़ेगा, हमारी ज़िंदगी में उनके साथ की रोशनी लाएगा,
हर बार आईना उदास होकर कहता है,
ये दिल-ए-नादान किसी से इस क़दर मोहब्बत न कर, कि उनके न होने से तेरा वजूद मिट जाए।
ये अकेलापन कभी तो हमारा साथ छोड़ेगा, हमारी ज़िंदगी में उनके साथ की रोशनी लाएगा,
हर बार आईना उदास होकर कहता है,
ये दिल-ए-नादान किसी से इस क़दर मोहब्बत न कर, कि उनके न होने से तेरा वजूद मिट जाए।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
बिछड़ते वक्त,एक दर्द और दे गया
दिल में रहा,फिर दिल ही ले गया
अब खाली बादल है, ज़िंदगी मेरी
वो सर्दी गर्मी, सारे मौसम ले गया
यही सोच कर रोता हूं, अक्सर मैं
किस जगह अपने, कदम ले गया
छोटी-छोटी बात,सोचने वाला मैं
क्यूं बड़ा फैसला, एकदम ले गया
तोहफ़े भी लिए, और दिए बहुत
वो खुशी ले गया, मैं गम ले गया
और फिर होतीं रहीं, बारिशे वहां
मैं जहां से भी आंखें, नम ले गया