Pai gyi nizat dard gehre utte
Tiki jad di nazar e tere chehre utte❤️..!!
ਪੈ ਗਈ ਨਿਜ਼ਾਤ ਦਰਦ ਗਹਿਰੇ ਉੱਤੇ
ਟਿਕੀ ਜਦ ਦੀ ਨਜ਼ਰ ਏ ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ❤️..!!
Pai gyi nizat dard gehre utte
Tiki jad di nazar e tere chehre utte❤️..!!
ਪੈ ਗਈ ਨਿਜ਼ਾਤ ਦਰਦ ਗਹਿਰੇ ਉੱਤੇ
ਟਿਕੀ ਜਦ ਦੀ ਨਜ਼ਰ ਏ ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ❤️..!!
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
Hum chah kar bhi na aapko chor nahi sakte
Humne aapko beinhetaah chaha hai..😘
हम चाह कर भी आपको छोड़ नहीं सकते
हमने आपको बेइंतेहा चाहा है..😘