asin dil vartde rahe
tu dimag vartda reha
ਅਸੀਂ ਦਿਲ ਵਰਤਦੇ ਰਹੇ
ਤੂੰ ਦਿਮਾਗ ਵਰਤਦਾ ਰਿਹਾ
asin dil vartde rahe
tu dimag vartda reha
ਅਸੀਂ ਦਿਲ ਵਰਤਦੇ ਰਹੇ
ਤੂੰ ਦਿਮਾਗ ਵਰਤਦਾ ਰਿਹਾ
नींद बेचैनी से कटती रही
ख्वाब कोहरे मे छुपती रही
तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही
तु मिला न कही मंज़िलों पे
मैं भटकती भटकती
तुझे ढूंढती रही
तेरा मेरा रिश्ता इन
काग़ज़ों पे खत्म हो गया
साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया
जैसे चार दिवारी में बंध सा गया
तेरी बातों को मैं याद करता
तेरी हँसी को मैं याद करता
हमारे उन्ही हसीन पलो को
हररोज सजाया करता
Vo roye to bhut par mujhse mooh mod kar roye
Koi majboori hogi jo dil tod kar roye
Mere samne kar diye…Meri tasveer ke tukde
Pta chala mere piche vo unhe jod kar roye
वो रोए तो बहुत पर मुझसे मुंह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोए,
मेरे सामने कर दिए… मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए।