
Tu Panna howe mein Kalam ban jawa
Tu hath howe mein shooh ban jawa
Tu jism ban mein rooh ban jawa..!!

याद उसकी आती हमें,
उसे खबर नहीं मगर।
याद उसकी आती हमें,
वो नसीब में नहीं मगर।
याद उसको करते करते,
मर जायेंगे एक दिन यूंही,
बदनसीब इस दिल का क्या कीजिए,
याद उसकी आती हमें,
उसे बता सकते नहीं मगर।
करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….