Tu kade keha c
kinna pyar hai tere naal
le ajh gin laa digde hanjuaan diyaan boondan nu
ਤੂੰ ਕਦੇ ਪੁਛਿਆ ਸੀ
ਕਿੰਨਾ ਪਿਆਰ ਹੈ ਤੇਰੇ ਨਾਲ
ਲੈ ਅੱਜ ਗਿਣ ਲਾ ਡਿੱਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਨੂੰ
Tu kade keha c
kinna pyar hai tere naal
le ajh gin laa digde hanjuaan diyaan boondan nu
ਤੂੰ ਕਦੇ ਪੁਛਿਆ ਸੀ
ਕਿੰਨਾ ਪਿਆਰ ਹੈ ਤੇਰੇ ਨਾਲ
ਲੈ ਅੱਜ ਗਿਣ ਲਾ ਡਿੱਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਨੂੰ
Unjh vekheya jawe taan hanjuaan da koi bhar ni hunda
par ehna de dulan te dil halka zaroor hunda
ਉਂਝ ਵੇਖਿਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਕੋਈ ਭਾਰ ਨੀ ਹੁੰਦਾ
ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਡੁੱਲਣ ਤੇ ਦਿਲ ਹਲਕਾ ਜ਼ਰੂਰ ਹੁੰਦਾ
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..