Tu kade keha c
kinna pyar hai tere naal
le ajh gin laa digde hanjuaan diyaan boondan nu
ਤੂੰ ਕਦੇ ਪੁਛਿਆ ਸੀ
ਕਿੰਨਾ ਪਿਆਰ ਹੈ ਤੇਰੇ ਨਾਲ
ਲੈ ਅੱਜ ਗਿਣ ਲਾ ਡਿੱਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਨੂੰ
Tu kade keha c
kinna pyar hai tere naal
le ajh gin laa digde hanjuaan diyaan boondan nu
ਤੂੰ ਕਦੇ ਪੁਛਿਆ ਸੀ
ਕਿੰਨਾ ਪਿਆਰ ਹੈ ਤੇਰੇ ਨਾਲ
ਲੈ ਅੱਜ ਗਿਣ ਲਾ ਡਿੱਗਦੇ ਹੰਝੂਆਂ ਦੀਆਂ ਬੂੰਦਾਂ ਨੂੰ
किसानों की किस्मत में पड़े हैं लाले,
ऊपर से सरकार के खेल बड़े ही निराले,
उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया है जिनकी
सात पुश्तों ने भी खेत में पैर नहीं डाले।
मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——