Tera menu shaddna teri majboori samjha…
Ja tenu dhokhebaaz 💔…।।
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਤੇਰੀ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਸਮਝਾਂ…
ਜਾਂ ਤੈਨੂੰ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ 💔…।।
Tera menu shaddna teri majboori samjha…
Ja tenu dhokhebaaz 💔…।।
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਤੇਰੀ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਸਮਝਾਂ…
ਜਾਂ ਤੈਨੂੰ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ 💔…।।
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
प्रकृति की बातें सुनाए जाएं, उसकी गाथा कहानी सुनाए जाएं। उठते सूरज की लाली देखो, प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाएं।
वृक्षों की छाया को चढ़कर, धरती के गुणगान कर दें। जल की लहरों के रंगों को, रसियों की आवाज़ बना दें।
बारिश की बूँदों का मेल मिलाप, आकर्षण भरी मधुर ध्वनि। हरा-भरा वन आपको बुलाए, अपार प्राकृतिक खजानी।
पर्वतों की ऊँचाइयों से, नदी की धार करे बहती। महकती हवाओं की लहरों में, खुद को आप गंभीर करें।
प्रकृति की रचनाओं को देखो, सुंदरता में जीवन का रंग है। आओ इसे समझें, इसे प्यार करें, प्रेम से हमेशा संग रहें, संग हैं।