Tera menu shaddna teri majboori samjha…
Ja tenu dhokhebaaz 💔…।।
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਤੇਰੀ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਸਮਝਾਂ…
ਜਾਂ ਤੈਨੂੰ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ 💔…।।
Tera menu shaddna teri majboori samjha…
Ja tenu dhokhebaaz 💔…।।
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਤੇਰੀ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਸਮਝਾਂ…
ਜਾਂ ਤੈਨੂੰ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ 💔…।।
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।
Dukhi shera nu sunda har koi
sukhi sheyar chheti kade sale nahi hunde
je ji kita taa ithe mil lai
suneiaa siviyaa ch kade male nai hunde
ਦੁਖੀ ਸ਼ੇਅਰਾ ਨੂੰ ਸੁਣਦਾ ਹਰ ਕੋਈ
ਸੁਖੀ ਸ਼ਿਅਰ ਛੇਤੀ ਕਦੇ ਸੇਲ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ
ਜੇ ਜੀ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਇੱਥੇ ਮਿਲ ਲੀ
ਸੁਣਿਆ ਸਿਵਿਆ ਚ ਕਦੇ ਮੇਲ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ। akash