Tera menu shaddna teri majboori samjha…
Ja tenu dhokhebaaz 💔…।।
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਤੇਰੀ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਸਮਝਾਂ…
ਜਾਂ ਤੈਨੂੰ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ 💔…।।
Tera menu shaddna teri majboori samjha…
Ja tenu dhokhebaaz 💔…।।
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡਣਾ ਤੇਰੀ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਸਮਝਾਂ…
ਜਾਂ ਤੈਨੂੰ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ 💔…।।
chiraag se na poochho baaki tel kitana hai,
saanso se na poochho baaki khel kitana hai,
poochho us kafan mein lipate murde se,
jindagee mein gam aur kafan mein chain kitana hai..
चिराग से न पूछो बाकि तेल कितना है,
सांसो से न पूछो बाकि खेल कितना है,
पूछो उस कफ़न में लिपटे मुर्दे से,
जिन्दगी में गम और कफ़न में चैन कितना है..
जीवन में वह था एक कुसुम,
थे उस पर नित्य निछावर तुम,
वह सूख गया तो सूख गया;
मधुवन की छाती को देखो,
सूखीं कितनी इसकी कलियाँ,
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ जो
मुरझाईं फिर कहाँ खिलीं;
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है;
जो बीत गई सो बात गई!
जीवन में मधु का प्याला था,
तुमने तन-मन दे डाला था,
वह टूट गया तो टूट गया;
मदिरालय का आँगन देखो,
कितने प्याले हिल जाते हैं,
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं,
जो गिरते हैं कब उठते हैं;
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है!
जो बीत गई सो बात गई!
मृदु मिट्टी के हैं बने हुए,
मधुघट फूटा ही करते हैं,
लघु जीवन लेकर आए हैं,
प्याले टूटा ही करते हैं,
फिर भी मदिरालय के अंदर
मधु के घट हैं, मधुप्याले हैं,
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं;
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट-प्यालों पर,
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है, चिल्लाता है!
जो बीत गई सो बात गई!