Seher mai andhera hai…
Mera ghar toh roshan hai magar…
Yeh waqt nahi kuch khas hai…
Par khush hun tu jo mere paas hai..🥰
शहर में अंधेरा है
मेरा घर तो रोशन है मगर
ये वक़्त नही कुछ खास है
पर खुश हूं तू जो मेरे पास है..🥰
Enjoy Every Movement of life!
Seher mai andhera hai…
Mera ghar toh roshan hai magar…
Yeh waqt nahi kuch khas hai…
Par khush hun tu jo mere paas hai..🥰
शहर में अंधेरा है
मेरा घर तो रोशन है मगर
ये वक़्त नही कुछ खास है
पर खुश हूं तू जो मेरे पास है..🥰
मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
वो हक हक की बात करके हकीकत से काफी दूर हो गए । उन्हें क्या मालूम था कि जिस हक की वो बात कर रहे हैं उस हक पर उनके अलावा किसी का हक जताने का भी हक नही है। ❤️