Seher mai andhera hai…
Mera ghar toh roshan hai magar…
Yeh waqt nahi kuch khas hai…
Par khush hun tu jo mere paas hai..🥰
शहर में अंधेरा है
मेरा घर तो रोशन है मगर
ये वक़्त नही कुछ खास है
पर खुश हूं तू जो मेरे पास है..🥰
Seher mai andhera hai…
Mera ghar toh roshan hai magar…
Yeh waqt nahi kuch khas hai…
Par khush hun tu jo mere paas hai..🥰
शहर में अंधेरा है
मेरा घर तो रोशन है मगर
ये वक़्त नही कुछ खास है
पर खुश हूं तू जो मेरे पास है..🥰
मैं मुकम्मल होके भी अधूरा ही रहा हु ,
तमाम आजमइशों के बाद भी अकेला ही रहा हु ।
मैं हर बार करता रहा जिसकी हसी की दुआ
बदले मे इसके हर बार रोता रहा हूँ ।
हर बार बेवजह रूठता है कोई मुझसे
लाख कोशिशों के बाद भी खुद को खोटा रहा हूँ ।
मेरी कोशीशे मिटा रही है तमाम जख्मो को मेरे ,
दूसरी तरफ जज़बातो की आड़ मे एनहे खुरेद रहा हूँ ।
Gunahgar to nazre hai aapki
Wrna kaha ye phool se chehre naqab mangte hai😊
गुनाहगार तो नज़रे हैं आपकी
वरना कहाँ ये फूल से चेहरे नक़ाब मांगते हैं😊