
Tu naal howe ta zindagi khoobsurat e
Tu nhi taa jiona khuaar..!!
Tenu Socha ta jag v sohna jeha lagde
Na Socha ta duniya bekaar..!!

Asi tutte hoye hi chnge haan
Sadiya fikra ch Na tu pai sajjna..!!
Asi ro ro saah mukaune ne
tu jionda vassda reh sajjna..!!
ਅਸੀਂ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਹੀ ਚੰਗੇ ਹਾਂ
ਸਾਡੀਆਂ ਫ਼ਿਕਰਾਂ ‘ਚ ਨਾ ਤੂੰ ਪੈ ਸੱਜਣਾ..!!
ਅਸੀਂ ਰੋ ਰੋ ਸਾਹ ਮੁਕਾਉਣੇ ਨੇ
ਤੂੰ ਜਿਉਂਦਾ ਵੱਸਦਾ ਰਹਿ ਸੱਜਣਾ..!!
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..