Enjoy Every Movement of life!
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...
Kash ek dua kabool ho,
Meri ibadat ke bagair.
Meri shaadi mere mehboob se hi ho,
Chahe ho gharwalo ko izazat ke bagair.
