तू आज है, काल ने किसी और गल्ले पावेगी।
आज मने चावे है, काल ने किसी और ने चावेगी।
ऐसे खेल मैडम तू कब तक खेल पवेगी।
मने बेरा है आज नही तो काल तू यारा ने छोड़ के जावेगी🥀💔
तू आज है, काल ने किसी और गल्ले पावेगी।
आज मने चावे है, काल ने किसी और ने चावेगी।
ऐसे खेल मैडम तू कब तक खेल पवेगी।
मने बेरा है आज नही तो काल तू यारा ने छोड़ के जावेगी🥀💔
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
Jo chandni hethaa baithe ne rehnde
eh kaleyaa da saathi chann kyu ae
ਜੋ ਚਾਂਦਨੀ ਹੇਠਾਂ ਬੈਠੇ ਨੇ ਰਹਿੰਦੇ
ਇਹ ਕੱਲਿਆਂ ਦਾ ਸਾਥੀ ਚੰਨ ਕਿਉਂ ਐਂ