तू आज है, काल ने किसी और गल्ले पावेगी।
आज मने चावे है, काल ने किसी और ने चावेगी।
ऐसे खेल मैडम तू कब तक खेल पवेगी।
मने बेरा है आज नही तो काल तू यारा ने छोड़ के जावेगी🥀💔
तू आज है, काल ने किसी और गल्ले पावेगी।
आज मने चावे है, काल ने किसी और ने चावेगी।
ऐसे खेल मैडम तू कब तक खेल पवेगी।
मने बेरा है आज नही तो काल तू यारा ने छोड़ के जावेगी🥀💔
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।