

मुश्किल रहा होगा उन खतों✉️ का जवाब, तभी उसे देने से इंकार है..
जवाब तो मेरे लिए खास है, क्यूंकि खतों में प्यार❤️ का इजहार है..
क्या समझूँ उसकी चुप्पी को? ऐतराज है, या उसे भी जरा सा प्यार💙 है..
इस वक्त मेरा दिल कहीं और नहीं लगता, मुझे बस उसकी हां का इंतजार है..
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
न कोई चिराग अब जलाऊंगा,न कोई अंधेरा मिटाऊंगा
जो रह गई याद तो उसे नदियों में बहाऊंगा
जो मिल गए राहों में तो रस्ता बदल जाऊंगा
बांधा था जिस रिश्ते से वो रिश्ता तोड़ जाऊंगा
नीर भरे नयनों में एक तड़प छोड़ जाऊंगा
कीचड़ ही सही एक दिन कमल बन खिल जाऊंगा
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा