
Enjoy Every Movement of life!

समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
sadde ishq da majak na bnaya kr,
roj teri yaad aundi
kdde tuvi aaya kr
ye dhokha dena de dss de sabi ….
ave najra naa churaya kr