tu v rus gyioo yaara
dil ekala reh gya
ਤੂੰ ਵੀ ਰੁਸ ਗਿਆ ਯਾਰਾ
ਦਿਲ ਕੱਲਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
tu v rus gyioo yaara
dil ekala reh gya
ਤੂੰ ਵੀ ਰੁਸ ਗਿਆ ਯਾਰਾ
ਦਿਲ ਕੱਲਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
chnga mada ban jawe
mada chnga ban jawe
jdo mohabbat ho jawe
shreef ho badnam jawe
badnam ban shreef jawe
jdo mohabbat ho jawe