tu v rus gyioo yaara
dil ekala reh gya
ਤੂੰ ਵੀ ਰੁਸ ਗਿਆ ਯਾਰਾ
ਦਿਲ ਕੱਲਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
tu v rus gyioo yaara
dil ekala reh gya
ਤੂੰ ਵੀ ਰੁਸ ਗਿਆ ਯਾਰਾ
ਦਿਲ ਕੱਲਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?