धीरे से आकर हमारे दिल में उतर जाते हो,
खुशबू की तरह मेरी सांसो में बिखर जाते हो,
अब तो तुम्हारे इश्क में ये हाल हो गया है,
सोतें जागते बस तुम ही तुम नजर आते हो।🙈💘
Enjoy Every Movement of life!
धीरे से आकर हमारे दिल में उतर जाते हो,
खुशबू की तरह मेरी सांसो में बिखर जाते हो,
अब तो तुम्हारे इश्क में ये हाल हो गया है,
सोतें जागते बस तुम ही तुम नजर आते हो।🙈💘
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…

Dil gumsum hai, jubaan v khamosh hai
fir v akhan vich nami ajh bharbhoor hai
kise de kyaalan vicg masroof hai