Muskura dete hain har dafa tumhe sochkar
Fir sochte hain kya ise hi mohobbat kehte hain..!!
मुस्कुरा देते हैं हर दफ़ा तुम्हे सोचकर
फ़िर सोचते हैं क्या इसे ही मोहोब्बत कहते हैं..!!
Muskura dete hain har dafa tumhe sochkar
Fir sochte hain kya ise hi mohobbat kehte hain..!!
मुस्कुरा देते हैं हर दफ़ा तुम्हे सोचकर
फ़िर सोचते हैं क्या इसे ही मोहोब्बत कहते हैं..!!
Jisse suljha na paiya aajtak mai,
Zindagi ek azib si paheli de gyi.
Use muskurahat pasand thi meri,
Jate jate use saath le gyi.
मोहब्बत तर्क की मैं ने गरेबाँ सी लिया मैं ने
ज़माने अब तो ख़ुश हो ज़हर ये भी पी लिया मैं ने
अभी ज़िंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ ख़ल्वत में
कि अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैं ने
उन्हें अपना नहीं सकता मगर इतना भी क्या कम है
कि कुछ मुद्दत हसीं ख़्वाबों में खो कर जी लिया मैं ने
बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदो
बहुत दुख सह लिए मैं ने बहुत दिन जी लिया मैं ने