Muskura dete hain har dafa tumhe sochkar
Fir sochte hain kya ise hi mohobbat kehte hain..!!
मुस्कुरा देते हैं हर दफ़ा तुम्हे सोचकर
फ़िर सोचते हैं क्या इसे ही मोहोब्बत कहते हैं..!!
Muskura dete hain har dafa tumhe sochkar
Fir sochte hain kya ise hi mohobbat kehte hain..!!
मुस्कुरा देते हैं हर दफ़ा तुम्हे सोचकर
फ़िर सोचते हैं क्या इसे ही मोहोब्बत कहते हैं..!!
Ethe Koi kise da nhi banda sjjna..
Sb mtlb de rishte bnaai baithe ne..
Dhokhe de de k dujeya nu khush hunde ne..
Dhokhe khan vale dila te stt khayi Bethe ne..
Eh tutte dil vala hi janda e kive sbra di ghutt usne piti hundi e..
Eve taa nafrat nhi hundi kise naal..dil todan vale ne v hadd kiti hundi e..

देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।