Tumse mohobbat h, to vaade bhi nibhayenge…
Tum sath nibhane ki himat rakho bas,
Baki hum sab kr jayenge…
Tumse mohobbat h, to vaade bhi nibhayenge…
Tum sath nibhane ki himat rakho bas,
Baki hum sab kr jayenge…
इरादे उम्मीदों के,सख़्त लगते हो
तुम मुझे मेरा,बुरा वक्त लगते हो
होठों पर नज़र,नहीं जाती है क्या
माथा चूम कर,क्यू गले लगते हो
यार लहज़ा ऐसा, क्यूं है तुम्हारा
देखने में,इंसान तो भले लगते हो
तुम्हे क्या पता,दिल कहतें हैं इसे
तुम जो खिलोने, बेचने लगते हो
सच्चा इश्क़ ही तो, मांगा है मैंने
हर बार ये क्या, सोचने लगते हो
उदास हो कर कहते हैं,अलविदा
जब तुम ये,घड़ी देखने लगते हो
के कुछ पहेलियां भी,समझा करो
तुम मतलब,क्यों पूछने लगते हो
कोई ख्याल बचा कर,रखो भैरव
तुम तो बस,कलम ढूढने लगते हो
ek vaqt gujara use dekhe hue
jaane ab vo kaisee dikhatee hogee
kya ab bhee vaisee dikhatee hogee
haan haan kya pahale jaisee dikhatee hogee
jis aaine ko dekh vo sanvaaratee hogee
kya khoob usakee bhee kismat hogee
एक वक़्त गुजरा उसे देखे हुए
जाने अब वो कैसी दिखती होगी
क्या अब भी वैसी दिखती होगी
हाँ हाँ क्या पहले जैसी दिखती होगी
जिस आइने को देख वो संवारती होगी
क्या खूब उसकी भी किस्मत होगी