
Tutt asi vi rahe haan chur chur ho ke..!!
Je tere to nahi reh ho reha sade bina
tadap asi vi rahe haan tethon door ho ke..!!

कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
MOHABBAT KI LAKEERON SE DOOR KHWAABON MAIN JI RAHI HO MAIN
WO LAMHA WASL KA KABHI MERI HAYAAT MAIN TO AAYE GA NAHI
محبّت کی لکیروں سے دور خوابوں میں جی رہی ہوں میں
وہ لمحہ وصل کا کبھی میری حیات میں تو آئے گا نہیں