Enjoy Every Movement of life!
शायरी लिखना उन्होंने शुरू किया,
हमें तो कविताओं का शौक था।
कलाकार वो खुद को कहते थे,
हमे तो उनकी कलाओं का शौक था
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
