Chah k v ni kr skda, koi aisi baat likha,
Jide krke tuttya mai, oh tuttya jazbaat likha
Chah k v ni kr skda, koi aisi baat likha,
Jide krke tuttya mai, oh tuttya jazbaat likha
मेरे बजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूं आईना और तू नज़र आये,
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,
और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए।🥰
अच्छा तो तुम मुझे ये बताओ
मेने तुम्हारी ऐसी क्या बिगड़ी थी
जो तुम मुझे इतनी बड़ी सजा दी ।
दिल की बाते अगर जुबान पर आगे
तो बहत बुरी होगी
तुमने मेरे साथ जो कुछ भी किया
वो में किसी और के साथ होने भी नही दूंगी ।
इस लिए वक्त रहे ते ही सुधार जाओ
बरना में मेरे पे आ गई
तो सब कुछ बिगड़ जायेगी ।
इस लिए अब से खुद को सुधरो
बरना किसे पता कल क्या हो
जाएगी ।