
Tu akhan sahwein reh sajjna..!!

कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।
दूरी हमारे प्यार की काबिलियत थोड़ी बया करेगी
बयां करेगी हमारी तड़प एक दूसरे
से इतना दूर रहने के बाद भी
बहुत ही तकदीर से मिला है तू
इतनी आसानी से नहीं जाने दूंगी
भले ही मिलो दूर रहेंगे
लेकिन एक दूसरे से मिलकर रहेंगे
थोड़ा हँसेंगे थोड़ा रोयेंगे लड़ेंगे झगड़ेंगे
लेकिन एक दूसरे से दूर कभी नहीं होएंगे
दूरिया अक्सर गलत फेमिया बना देती ही दो दिलो में
वो गलत फेमिया अक्सर लड़ाई का रूप ले लेती है
पर लड़ाई कहाँ नहीं होती किस रिस्ते में नहीं होती
सब जगह होती है और उन लड़ाईयों को
सुलझाया जाता हैन उलझाया नहीं
ये सफर आसान नहीं लेकिन मंजिल खूबसूरत है।
और जो चल पड़े हैं संग हर मंजिल को पा लेना है
सुनो वादा करो की मंजिल आने से पहले रुख नहीं मोड़ोगे
इस चेहरे की मुस्कान की वजह तुम हो ,
जिंदगी को खुशहाल बनाने की वजह तुम हो
तुम्हे अंदाज़ा भी नहीं की तुम अगर पीछे हटे
तो क्या लेकर हटोगे अपने जिस्म के अलावा
जब दो दिल जुड़ते हैं तो बहुत कुछ जुड़ जाता है
सिर्फ दिल ही नहीं मैं यही हु और हमेशा रहूँगा
बस तुम साथ निभाना। ….