Haddaan ohde lyi paar karo
Jehra tuhade layi be hadd howe
ਹੱਦਾਂ ਓਹਦੇ ਲਈ ਪਾਰ ਕਰੋ
ਜਿਹੜਾ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਬੇ-ਹੱਦ ਹੋਵੇ – ਹੰਕਾਰੀ
Haddaan ohde lyi paar karo
Jehra tuhade layi be hadd howe
ਹੱਦਾਂ ਓਹਦੇ ਲਈ ਪਾਰ ਕਰੋ
ਜਿਹੜਾ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਬੇ-ਹੱਦ ਹੋਵੇ – ਹੰਕਾਰੀ
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…
hazaara jawaaba to changi hundi hai khamoshi
na-zaane kinne sawaala di ijjat rakh laindi e
ਹਜ਼ਾਰਾ ਜੁਆਬਾ ਤੋਂ ਚੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਖਾਮੋਸ਼ੀ,
ਨਾਜਾਨੇ ਕਿੰਨੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੀ ਇੱਜ਼ਤ ਰੱਖ ਲੈਦੀ ਏ !💯