koi khaas rehn lgga e
Shayad es vich koi khaas rehn lgga e
Ajkl dil kujh udaas rehn lgga e..

मौसम बदल रहा है, राहें बदल रही हैं,
हवाओं का रुख तो देखो के सांसें बदल रही है,
बदल रहे हैं चेहरे और तस्वीरें बदल रही हैं,
दुआओं में शरीक नहीं पर तकदीरें बदल रही हैं,
बदल रही है नींदें और रातें बदल रही हैं,
करवटों से ज़्यादा अब बातें बदल रही हैं,
छिन जाएगा सबकुछ गर यादें बदल रही हैं,
हवाओं का रुख तो देखो के सांसें बदल रही है...
Kujh gehra likhna chahune aa
jehdhaa dhuk tere tak jawe
padh bhawe saari duniyaa lawe
par samajh tainu hi aawe
ਕੁੱਝ ਗਹਿਰਾ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹੁੰਨੇ ਆਂ
ਜਿਹੜਾ ਢੁੱਕ ਤੇਰੇ ਤੱਕ ਜਾਵੇ
ਪੜ ਭਾਵੇਂ ਸਾਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਲਵੇ
ਪਰ ਸਮਝ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਆਵੇ