Kehte hai yu udaas firte ho
sardiyeo ki shaamo me
is tarah hi hota hai
is tarah ke kaamo me
कहते हैं यूं उदास फिरते हो
सर्दियों की शामों में
इस तरह ही होता है
इस तरह के कामों में…………
Kehte hai yu udaas firte ho
sardiyeo ki shaamo me
is tarah hi hota hai
is tarah ke kaamo me
कहते हैं यूं उदास फिरते हो
सर्दियों की शामों में
इस तरह ही होता है
इस तरह के कामों में…………
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
तरुण चौधरी