Kehte hai yu udaas firte ho
sardiyeo ki shaamo me
is tarah hi hota hai
is tarah ke kaamo me
कहते हैं यूं उदास फिरते हो
सर्दियों की शामों में
इस तरह ही होता है
इस तरह के कामों में…………
Kehte hai yu udaas firte ho
sardiyeo ki shaamo me
is tarah hi hota hai
is tarah ke kaamo me
कहते हैं यूं उदास फिरते हो
सर्दियों की शामों में
इस तरह ही होता है
इस तरह के कामों में…………
Ve aaja Galla kar lai pyar Diya,
Mera dil kholan nu jee karde❤️
Menu dukh Dede tu apne,
Tenu sukh den nu jee karde😇
Eh rutta saun bahar Diya,
Tere naal bhajjn nu jee karde🙈
Menu ghutt ke jaffi pa lai ve,
Mera dard vandaun nu jee karde😍
ਵੇ ਆਜਾ ਗੱਲਾ ਕਰਲੈ ਪਿਆਰ ਦੀਆ,
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਖੋਲਣ ਨੂੰ ਜੀਅ ਕਰਦੈ।❤️
ਮੈਨੂੰ ਦੁੱਖ ਦੇਦੇ ਤੂੰ ਆਪਣੇ,
ਤੈਨੂੰ ਸੁਖ ਦੇਣ ਨੂੰ ਜੀਅ ਕਰਦੈ।😇
ਇਹ ਰੁੱਤਾ ਸਾਉਣ ਬਹਾਰ ਦੀਆ,
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਭੱਜਣ ਨੂੰ ਜੀਅ ਕਰਦੈ।🙈
ਮੈਨੂੰ ਘੁੱਟ ਕੇ ਜੱਫੀ ਪਾ ਲੈ ਵੇ,
ਮੇਰਾ ਦਰਦ ਵੰਡਾਉਣ ਨੂੰ ਜੀਅ ਕਰਦੈ।😍
ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्वभर में भारती की अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूंजता इक मंत्र है
ये तिरंगा वन्दना है भारती का मान है
ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है
ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शान्ति का संधान है
इसके रंगो में बुना बलिदानियों का नाम हैं
ये बनारस की सुबह है ये अवध की शाम है
ये कभी मन्दिर कभी ये गुरुओं का द्वार लगे
चर्च का गुम्बंद कभी मस्जिद की मीनार लगे
ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है
ये तिरंगा बाइबिल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत ए कुरआन का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है
ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है
ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है
ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धुप है
ये तिरंगा भव्य हिमगिरी का अमर वरदान है
शीत की ठंडी हवा ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
झंझावतों में लहराए गुणों की खान है
ये तिरंगा लता की इक कुठुकती आवाज है
ये रविशंकर के हाथों में थिरकता ताज है
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है
ये तिरंगा गांधी जी की शान्ति वाली खोज है
ये तिरंगा नेताजी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है
रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है
चमक क्रिसमस की लिए यह दीप सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा ये संस्कृति महान है
ये तिरंगा अंडमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति और क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है