
Hun aadat tenu chahune di..!!
Lakh samjhawan akhiyan nu par
Umeed na shaddan tere aune di..!!

MAA TUJHE SALAMAT RAKHE RAB HAMESHA
TAL JAATI HAIN HAR BALAA BADLE DUAAON KE
ماں تجھے سلامت رکھے رب ہمیشہ
ٹل جاتی ہیں ہر بلا بدلے دعاؤں کے
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।