
Gallan je kariye sohbtan diyan..!!
Enni cheti nahio roohon koi shuttda
Umran lambiyan ne mohobbtan diyan..!!

हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
ये रात कटती है आज भी ख्याल में उनके
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है
किसी औरकी तस्वीर को उठती नहीं
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफ़त आज भी है
एक बार चाह कर चाहे दिल तोड़ दे वोह
दिल तोड़ के जाने की इज़ाज़त उसे आज भी है
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
ऐसा क्या लिखूँ कि वो मेरा हो जाए , दिल दुखाने के तरीके का नया इंतजाम हो जाए ।
मोहब्बत जुनून नहीं नशा है मेरा , बचने की हर कोशिश अब नाकाम हो जाए ।।
है दस्तूर कायनात का निभाना तो होगा , दूर है वो मुझसे पास आना तो होगा ।
नफरत की खैरात को मेरे हिस्से आने दो , अपने हर शब्द अमर कर दूँ पर पहले तुम्हें आना तो होगा ।।
कुछ अनकही बातें याद आती रही , सारी रात मेरा दिल दुखाती रही ।
है मेरे मन में क्या सोचा बता दूँ तुम्हें , पर बढ़ते हुए फासले की वजह मुझे सताती रही ।।