unako kahana ki aakar ye dil bhee le jaaye
ab ye meree sunata hee nahin phir isaka karoon kya…
उनको कहना कि आकर ये दिल भी ले जाये
अब ये मेरी सुनता ही नहीं फिर इसका करूँ क्या…
unako kahana ki aakar ye dil bhee le jaaye
ab ye meree sunata hee nahin phir isaka karoon kya…
उनको कहना कि आकर ये दिल भी ले जाये
अब ये मेरी सुनता ही नहीं फिर इसका करूँ क्या…
गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला
Sukun kaha hai ab aisi aab-o-hawa mein
Chal rahi hai zindagi apni apni wafa mein
Tu wafadar bhi hai aur adakaar bhi e zindagi
Jaan chuka hu tere kirdaar, mein pehli hi dafa mein…💯🍂
सुकूं कहां है अब ऐसी आब-ओ-हवा में,
चल रही है जिंदगी अपनी, अपनी वफा में,
तू वफादार भी है और अदाकार भी ए-जिंदगी,
जान चुका हूं तेरे किरदार, मैं पहली ही दफा में…💯🍂