Auron ko dekhte the vo khuleaam bich bazar mein
Na Jane humein chupke se dekhna unhe kyu aschaa lgta tha..!!
औरों को देखते थे वो खुलेआम बीच बाज़ार में
न जाने हमें चुपके से देखना उन्हें क्यों अच्छा लगता था..!!
Enjoy Every Movement of life!
Auron ko dekhte the vo khuleaam bich bazar mein
Na Jane humein chupke se dekhna unhe kyu aschaa lgta tha..!!
औरों को देखते थे वो खुलेआम बीच बाज़ार में
न जाने हमें चुपके से देखना उन्हें क्यों अच्छा लगता था..!!

हम दीवानों की बस्ती में, दीवाना एक और भी आया है..
घबराया हुआ है थोड़ा सा, नाम भी अपना बताया है..
चेहरे की शिकन उसकी साफ जाहिर करती है..
के टूट जाते हैं दिल, जिस नगरी में, उसने भी वहाँ हुनर अजमाया है..💯