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Urdu Ghazal or Shayari

KARTE HO JO IS TARHA NAZAKAT SE PARWARISH TUM

PHIR YEH BHI TO SOCHAIN NA

MIL JAAYE JO LOG KAMZARF MUQAABIL MAIN

PHIR KYA BANE GA WAHAAN DUKHTAR KE TUMHARI

کرتے ہو جو اس طرح نزاکت سے پرورش تم

پھر یہ بھی تو سوچیں نا

مل جائیں جو لوگ کم ظرف مقابل میں 

پھر کیا بنے گا وہاں دختر کے تمھاری

Title: Urdu Ghazal or Shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dost woh hai jo || friend shayari hindi

दोस्त वो है जो थाम के रखता है हाथ
परवाह नहीं उसको कौन है तुम्हारे साथ

उसकी आखों में चमक दिखती है
जब होता है तुम्हारे साथ

गुजर जाता है वक़्त मिनटों में
जब करते हैं उससे बात

दोस्त वो हैं जो सामने आ जाये गर
खुद बयाँ हो जाते हैं दिल के हालत

कुछ सोचना नहीं पड़ता
जब होती है उससे बात

दोस्त वो है जो बिन कहे समझ लेता है हर बात
बस हम छिपा नहीं सकते उससे कोई भी राज

कर देता है हैरान तब और भी
जब मरहलों में बन जाता है ढाल
अपने सारे दर्द ग़म भुला कर
साथ हँसता है सारी रात

उसे कुछ भी नहीं चाहिए तुमसे बस
कुछ पल तुम्हारे साथ का है वह मोहताज़

दोस्त वो है जिससे दोस्ती निभानी नहीं पड़ती
जिसे कोई भी बात समझानी नहीं पड़ती

रूठ भी जाए तो भी नहीं करता नज़रन्दाज़
इसलिए ये रिश्ता होता है हर रिश्ते से ख़ास

कभी वो माँ की तरह समझाता है
तो कभी पिता की तरह डांटता है

कभी- कभी बहन बन कर सताता है
तो कभी भाई की तरह रुलाता है

कभी एक आफ़ताब बन होंसला बढ़ाता है
हमें ग़म और खुशियों से परे ले जाता है

जिसके पास है ऐसा दोस्त
वही मुकम्मल है इस जहाँ में
वही है हयात का सरताज

Title: Dost woh hai jo || friend shayari hindi


veer || 2 lines shayari on brother in punjabi

Aina k khyaal rabba rakhi mere veer da
hasde rahe, vasda rahe, akho chowe kade neer naa

ਏਨਾ ਕ ਖਿਆਲ ਰੱਬਾ ਰੱਖੀ ਮੇਰੇ ਵੀਰ ਦਾ..
ਹੱਸਦਾ ਰਹੇ,ਵੱਸਦਾ ਰਹੇ,ਅੱਖੋ ਚੋਵੇ ਕਦੇ ਨੀਰ ਨਾ🧡..

Title: veer || 2 lines shayari on brother in punjabi