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Urdu Ghazal or Shayari || ho jaye gar saamna

ہو جائے گر سامنا سرِ حشر بھائی سے تمھارے

 تب کس طرح ملاؤ گے نظریں

 بیٹھ کر فرصت سے کبھی یہ بھی تو سوچنا

HO JAAYE GAR SAAMNA SAR-E-HASHR BHAI SE TUMHARE

TAB KIS TARHA MILAAO GE NAZRAIN

BAITH KAR FURSAT SE KABHI YEH BHI TO SOCHNA

Title: Urdu Ghazal or Shayari || ho jaye gar saamna

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mere dost || hindi poetry on dost

मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।

मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।

खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।

मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।

तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।

Title: Mere dost || hindi poetry on dost


Khoobsurat to har lamha hai || HIndi kyaa baat shayari

खूबसूरत तो हर लम्हा है,
शायद देखने की नज़ाकत नहीं है...
अकेले चलने की हिम्मत तो है,
शायद साथ छोड़ने की आदत नहीं है...
शर्त है मै सिर्फ मयखाने तक जाऊंगा
आगे का रास्ता तुम तय कर लेना...
ताल्लुक़ मेरा पुराना है इन गलियों से,
शायद छूटा पैमाना पकड़ने की आदत नहीं है...

Title: Khoobsurat to har lamha hai || HIndi kyaa baat shayari