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Urdu Ghazal or Shayari || ho jaye gar saamna

ہو جائے گر سامنا سرِ حشر بھائی سے تمھارے

 تب کس طرح ملاؤ گے نظریں

 بیٹھ کر فرصت سے کبھی یہ بھی تو سوچنا

HO JAAYE GAR SAAMNA SAR-E-HASHR BHAI SE TUMHARE

TAB KIS TARHA MILAAO GE NAZRAIN

BAITH KAR FURSAT SE KABHI YEH BHI TO SOCHNA

Title: Urdu Ghazal or Shayari || ho jaye gar saamna

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Umar guzar di bewafa ke || bewafa HIndi story

उम्र सारी गुजर दी बेवफा प्यार में , रातों की नीद कुर्बान कर दी बेवफा प्यार में , हमने की थी मोहब्बत उम्र भर के सुकून के लिए,हालत कुछ यू बदले मेरे अब लगता है क्यूं गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में , अब हाल ऐसा है मेरा दिल में दर्द , आखों में आशू हाथ में ग्लास शराब का, जब बढ़ जाता है दिल में आलम तनाहियो का हाथों में होती है ग्लास शराब की, महफिलों में जब उठती है बेफायी की बाते उन बातो में जिक्र तेरी बेवफाई का होता जरूर है , कहते है सब की बांदा तो था काम का कर दिया खराब इश्क ने , क्यू गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में ।
सबने रोका था की मत करना ये दोस्त तू मोहब्बत यह मिलती वफा के बदले बेवफाई हमने न मानी बात किसी की करली मोहब्बत तुझ सनम हरजाई से , क्यू गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में । गम के सिवा कुछ न मिला ये दोस्त तेरी मोहब्बत में , अब रही नही हिम्मत अब और गम सहने की कर रहे कुर्बा खुद को बेवफा प्यार में , जब जनाजा निकले गा तेरी गली से मेरे महबूब आखों में आशू तेरे होगा जरूर , क्यू कर दी बेवफाई सोचे गी जरूर, जब भी तू सोएगी किसी गैर की बाहों में क्यूं की बेवफाई सोचे गी जरूर , मेरे मरने के बाद सब की जुबा पे होगा मेरा नाम हर जगह चर्चा होगा तेरी बेवफाई का कैसे एक आशिक ने उम्र गुजर दी बेवफा प्यार में ।

Title: Umar guzar di bewafa ke || bewafa HIndi story


TAKLEEF | DIL DA DARD SHAYARI

Dil da dard shayari, tutte dil punjabi shayari

dil de dard nu dil todhan wale ki janan
kinni hundi aa takleef, maut vich
upron ful chadhaun wale ki janan