یہ خوش نصیبی ہے ہماری دیکھ لئے اس شہرِ خموشاں کو تا حیات
فقط یہاں آنے کے لئے لوگ گنواں دیتے ہیں جاں اپنی
YEH KHUSH NASEEBI HAIN HAMARI DEKH LIYE IS SHEHR-E-KHAMOSHA KO TAA HAYAAT
FAQT YAHAA AANE KE LIYE LOG GAWAAN DETE HAIN JAA APNI
یہ خوش نصیبی ہے ہماری دیکھ لئے اس شہرِ خموشاں کو تا حیات
فقط یہاں آنے کے لئے لوگ گنواں دیتے ہیں جاں اپنی
YEH KHUSH NASEEBI HAIN HAMARI DEKH LIYE IS SHEHR-E-KHAMOSHA KO TAA HAYAAT
FAQT YAHAA AANE KE LIYE LOG GAWAAN DETE HAIN JAA APNI

मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…