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Urdu Ghazal or Shayari || SHEHAR-E-khamosha

یہ خوش نصیبی ہے ہماری دیکھ لئے اس شہرِ خموشاں کو تا حیات

فقط یہاں آنے کے لئے لوگ گنواں دیتے ہیں جاں اپنی

YEH KHUSH NASEEBI HAIN HAMARI DEKH LIYE IS SHEHR-E-KHAMOSHA KO TAA HAYAAT

FAQT YAHAA AANE KE LIYE LOG GAWAAN DETE HAIN JAA APNI

Title: Urdu Ghazal or Shayari || SHEHAR-E-khamosha

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kuch Log Sudhar Nahi Sakte

कुछ लोग सुधर नहीं सकते हैं
हर किसी के बारे में बुरा ही बकते है
इन्हे किसी दूसरे की तारीफ करना आता नहीं हैं
इन्हे अपने खून के अलावा(सग्गे रिश्ते ) और कोई भाता नहीं हैं
यह लोग खुदको भगवान समझते हैं
भगवन खुद इन्हे शैतान समझते हैं
यह लोग इनके सग्गे रिश्तों में भी आग लगा देते हैं
अच्छे खासे परिवार में दाग लगा देते हैं
इनकी सोच ज़मीन में और सिर आसमान में रहता हैं
इन्हे कदर घर के बेटे की नहीं बल्कि उसकी है जो विदेश में बैठा हैं
यह लोग किसी दुसरे को आगे बढ़ता देख नहीं पाएंगे
अगर कोई आगे बढ़ गया तो यह चैन से बैठ नहीं पाएंगे
दुसरो को बुरा खुदको अच्छा दिखाना ही इन्हे सिर्फ आता हैं
इन्हे अपने खून के अलावा और कोई नहीं भाता हैं
इनमे कोई कमी नहीं ऐसा इनको लगता है
गिने चुने लोगो के अलावा इन्हे हर कोई खटकता है
किसी के लिए कुछ अच्छा ये कर नहीं सकते हैं
इन्हे जो पसंद है उसे सिर पर चढ़ा सकते हैं
लेकिन इनके पैर दबाने वालो को यह पैर तक ही रखते हैं
कुछ लोग कभी सुधर नहीं सकते हैं ।

Title: Kuch Log Sudhar Nahi Sakte


khuwaab saare || punjabi sad shayari

kujh edaa nibhaye ohne waade saare
jhoothe si pyaar de iraade saare
mainu ohdi har gal te vishvaas si
ohne jhoothe sabit kite mere har ik khwaab saare

ਕੁਝ ਇਦਾਂ ਨਿਭਾਏ ਓਹਨੇ ਵਾਦੇ ਸਾਰੇ
ਝੁਠੇ ਸੀ ਪਿਆਰ ਦੇ ਇਰਾਦੇ ਸਾਰੇ
ਮੈਨੂੰ ਓਹਦੀ ਹਰ ਗੱਲ ਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਸੀ
ਓਹਨੇ ਝੁਠੇ ਸਾਬੀਤ ਕਿਤੇ ਮੇਰੇ ਹਰ ਇੱਕ ਖ਼ੁਆਬ ਸਾਰੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: khuwaab saare || punjabi sad shayari