YEH JO TALKH ZABAANI AAP KI SUNTE AAYE HAIN AAJ TAK HUM
BAA KHUDA ISE EHTERAAMAN HUM NE APNE ZARF MAIN DHAALA HUA HAI
یہ جو تلخ زبانی آپ کی سنتے آئے ہیں آج تک ہم
با خدا اسے احتراماََ ہم نے اپنے ظرف میں ڈھالا ہوا ہے
YEH JO TALKH ZABAANI AAP KI SUNTE AAYE HAIN AAJ TAK HUM
BAA KHUDA ISE EHTERAAMAN HUM NE APNE ZARF MAIN DHAALA HUA HAI
یہ جو تلخ زبانی آپ کی سنتے آئے ہیں آج تک ہم
با خدا اسے احتراماََ ہم نے اپنے ظرف میں ڈھالا ہوا ہے
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
बहुत कुछ सहकरके तुम्हे बड़ा किये है!!
तुम्हे अपने पैरो पर खड़ा किये है,
तुम्हारे खुशियों के अलावा कुछ न चाह रखते है,
तुम्हारे मुस्कराहट के सिवा कुछ न मांग करते है!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
खुद से पहले तुम्हे खिलाते थे!!
जब तुम रोते थे तो खुद बच्चे बन जाते थे,
खुद जागकर तुम्हे सुलाते थे,
घुटनों में बैठ के तुम्हे चलना सिखाते थे!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
शिक्षक बन तुम्हे पढाया!!
दर्द सहते हुए भी तुम्हे हसाया,
तुम इस ओहदे पर पहुचे हो,
तुम्हे इस काबिल बनाया!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना!!