उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
akele hai hum|alone and sad shayari
Akele the hum..
Akele hai hum..
Akele hi reh jayenge..!!

Jhuthi duniyan taan sufna e dil nu mein dass ke..!!
Ishq kitta rabba mereya mein tere naal hass ke..!!
ਝੂਠੀ ਦੁਨੀਆਂ ਤਾਂ ਸੁਫ਼ਨਾ ਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਮੈਂ ਦੱਸ ਕੇ..!!
ਇਸ਼ਕ ਕੀਤਾ ਰੱਬਾ ਮੇਰਿਆ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਹੱਸ ਕੇ..!!