उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Kujh panne ki fatte zindagi di kitaab de,
lokaan ne samjheyaa saadha daur khatam ho gya
ਕੁੱਝ ਪੰਨੇ ਕੀ ਫਟੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਦੇ,,
ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਮਝਿਆਂ ਸਾਡਾ ਦੌਰ ਹੀ ਖਤਮ ਹੋ ਗਿਆ..!!
