उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
इक बात दिल मे आती है देखू उसे जितनी दफा।
हमने तो मोहब्बत के किस्से सुने थे अब तो दोस्त भी होते है बेबफा ।।
ik baat dil me aati hai dekhu use jitni dafaa
hamne to mohobat ke kisse sune the ab to dost bhi hote hai bewafa
Everyday is a bank account, and time is our currency. No one is rich, no one is poor, we’ve got 24 hours each.