उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
“हंसी में छिपे खामोशियों को महसूस किया है I
मैखाने में बुजुर्गों को भी जवान होते देखा है I
हमने इन्शानो को जरुरत के बाद अनजान होते देखा है I
क्यों भूल जाते है इंसान अपनी अस्तित्व पैसा आते ही I
दुनियां ने बड़े – बड़े राज महराजा को फ़क़ीर होते देखा है I”
Tarasde rahe nain mere
Tere nain dekhn nu
Kayanat vi jhoothi pai gyi c
Teri mauzudgi dassan nu
Labbeya nahi raah Tera
Pairan Diya pairha chukkn nu
Shayad bani hi nhi Kamal koi
Tera naam mere naam naal likhan nu💔
ਤਰਸ ਦੇ ਰਹੇ ਨੈਨ ਮੇਰੇ
ਤੇਰੇ ਨੈਨ ਦੇਖਣ ਨੂੰ
ਕਾਇਨਾਤ ਵੀ ਝੂਠੀ ਪੈ ਗਈ ਸੀ,
ਤੇਰੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਦੱਸਣ ਨੂੰ
ਲੱਭਿਆ ਨਹੀ ਰਾਹ ਤੇਰਾ
ਪੈਰਾਂ ਦੀਆ ਪੈੜਾ ਚੱਕਣ ਨੂੰ
ਸ਼ਾਇਦ ਬਣੀ ਹੀ ਨਹੀਂ ਕਲਮ ਕੋਈ
ਤੇਰਾ ਨਾਂ ਮੇਰੇ ਨਾਂ ਨਾਲ ਲਿਖਣ ਨੂੰ💔