उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उदसियों की वजह तो
बहुत है ज़िन्दगी में,
लेकिन,
बेवजह खुश होने का मज़ा ही कुछ और है...
nafrat aakadh
tyaag ke hi mel hunda rooha da
jhukna hi painda sajjna
paani peen lai khooha da
ਨਫ਼ਰਤ ਆਕੜ…..
ਤਿਆਗ ਕੇ ਹੀ ਮੇਲ ਹੁੰਦਾ ਰੂਹਾਂ ਦਾ
ਝੁਕਣਾ ਹੀ ਪੈਂਦਾ ਸਜਨਾ
ਪਾਣੀ ਪੀਣ ਲਈ ਖੂਹਾਂ ਦਾ❤️💯