उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Ab fark nhi padta kon sath hai or kon nhi hai
Kyunki mene zindagi mein unhe bhi khoya hai
jinhe main apni zindagi mana krta tha
HUn farak ni painda
chadd jande kise de
dukh hun bahut jarr laye
kise hor de hisse de
ਹੁਣ ਫ਼ਰਕ ਨੀ ਪੇਂਦਾ
ਛੱਡ ਜਾਂਣਦੇ ਕਿਸੇ ਦੇ
ਦੁਖ ਹੁਣ ਬਹੁਤ ਜੱਰ ਲਏ
ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਦੇ ਹਿੱਸੇ ਦੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷