उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Pal bhar aapko na sochu to
Dhadkane tarasne lagti hai
Aapko jo dekhlu to
Nam ankhein bhi hasne lagti hai…❤️❤️
पलभर आपको ना सोचूँ तो
धड़कने तरसने लगती है…
आपको जो देख लूं तो
नम आंखे भी हंसने लगती हैं…❤️❤️
zindagi to apne hi dam pe zee jaati hai yaaro
kisi ke sahare se to janaze uthaa karte hai
ज़िन्दगी तो अपने ही दम पे जी जाती है यारों
किसी के सहारे से तो जनाज़े उठा करते हैं ..🤗