उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
कहीं यादों का #मुकाबला हो तो बताना जनाब..
हमारे पास भी किसी की यादें , *बेहिसाब* होती जा रही है…
Sohneya ve sajjjna na kar beimaaniyan
Mohobbtan saugataan ne hundiyan laasaniyan..!!
ਸੋਹਣਿਆਂ ਵੇ ਸੱਜਣਾ ਨਾ ਕਰ ਬੇਈਮਾਨੀਆਂ
ਮੋਹੁੱਬਤਾਂ ਸੌਗਾਤਾਂ ਨੇ ਹੁੰਦੀਆਂ ਲਾਸਾਨੀਆਂ..!!