उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
तुम पूछ लेना सुबह से…!!
ना यकीन हो तो शाम से…!!
ये दिल धड़कता हैं
तेरे ही नाम से….!!!💞
निगाहों से दिल पर तेरा पैगाम दूं
मोहब्बत वफा़ का अंज़ाम लिख दूँ
तुम चले आओ मेरे लबों पर सरगम बनकर
मैं अपनी धड़कन क्या सातों जनम तेरे नाम कर दूँ🍁
Kade padh k vekhyo janab
Saadiyan akhan nu,
Etthe dariya vagda ya
Tuhadi mohabat da.
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻