उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Aag ke paas mom le ja kar dekh lu
ho ijaajat to hath lgakar dekh lu
ਅੱਗ ਕੇ ਪਾਸ ਮੋਮ ਲੈ ਜਾ ਕਰ ਦੇਖ ਲੁ
ਹੋ ਇਜਜਾਤ ਤੋਂ ਹਾੱਥ ਲਗਾਕਰ ਦੇਖ ਲੁ
Milti bichadti duniya me bas tumhe chune
vo hota hai dost❤️
Khamoshi ke peeche ka shor sune
vo hota hai dost❤️
Muskurahat to zamana bhi dekh leta hai Udaasi me chupi vajah dhunde
vo hota hai dost❤️❤️
मिलती बिछड़ती दुनिया में बस तुम्हे चुने
वो होता है दोस्त❤️
खामोशी के पीछे का शोर सुने
वो होता है दोस्त❤️
मुस्कुराहट तो कोई भी देख लेता है उदासी के पीछे छुपी वजह ढूंढे
वो होता है दोस्त❤️❤️