उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .

Gile karne shadd de mana
Tu ohnu sahi nahi kehna
Te ohne khud nu galat..!!
ਗਿਲੇ ਕਰਨੇ ਛੱਡ ਦੇ ਮਨਾਂ
ਤੂੰ ਉਹਨੂੰ ਸਹੀ ਨਹੀਂ ਕਹਿਣਾ
ਤੇ ਉਹਨੇ ਖੁਦ ਨੂੰ ਗ਼ਲਤ..!!