उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
तरुण चौधरी
Kami nai c kise cheez di mainu par
ikalla baith baith royeaa han rataan nu bahut
sirf tere lai
ਕਮੀਂ ਨਈਂ ਸੀ ਕਿਸੇ ਚੀਜ਼ ਦੀ ਮੈਨੂੰ ਪਰ
ਇਕੱਲਾ ਬੈਠ ਬੈਠ ਰੋਇਆਂ ਹਾਂ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ
ਸਿਰਫ ਤੇਰੇ ਲਈ