उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Sab kuch hai
Fir bhi kuch khali sa hai
Sab to hai
Magar fir bhi tanhai c hai
Tum to ho
Fir bhi khoya sa rehta hu mein,
Sukun bhi hai
Magar bechaini hai ke chodti nhi..
सब कुछ है
फिर भी कुछ खाली सा है।
सब तो हैं
मगर फिर भी तन्हाई सी है।
तुम तो हो
फिर भी खोया सा रहता हूँ मैं,
सुकूँ भी है
मगर बेचैनी है कि छोड़ती नहीं।।
Ikk bewafa ke zakhmo mein marham lgane gye hum
Marham ki kasam marham Na Mila
Marham ki jgah mar gye hum💔
इक बेवफा के ज़ख्मों में मरहम लगाने हम गए
मरहम की कसम मरहम न मिला
मरहम की जगह मर गए हम 💔