उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Thaam loon tera hath is kadar ki sansein juda na ho 🥰
Mohobbat ho charo taraf aur koi khuda na ho 😍
Lakeere tere naam ki mere hathon mein ho ya na ho 😊
Rahe jism bhi alag par rooh juda na ho… ❤
थाम लूं तेरा हाथ इस क़दर की सांसे जुदा न हो, 🥰
मोहब्बत हो चारों तरफ और कोई ख़ुदा न हो, 😍
लकीरें तेरे नाम की मेरे हाथों में हो या न हो,😊
रहे जिस्म भी अलग पर रूह जुदा न हो…❤
Insan ke liye deepak ka jeevan prernadayak v vandniye hai
Kyunki veh dusro ke liye jalta hai…Dusro se nhi✌️
इंसान के लिए दीपक का जीवन प्रेरणादायक व वंदनीय है
कयोंकि वह दूसरों के लिए जलता है…… दूसरों से नहीं✌️