उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
mujhase jab bhee milo to nazaren utha ke mila karo,
mujhe pasand hai apane aap ko teree aankhon mein dekhana…
मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो,
मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना… 🥰🥰
me tere naseeb ki barish nahi jo tijhpe baras jaau
tujhe takdeer badalni hogi paane ke liye
मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुझपे बरस जाऊं,,,😌
तुझे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए!!!…..😉😉😉