उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Tadpna kya hota hai usse se pucho
Jiske pass sab kuch hai par vo nhi
Jiski use khashish hai….🥺✨🖤
HAZAR HASRATEIN THI HAMARI BHI DIL ME KBHI…
TUM AKELE NHI GAYE, HASRATEIN BHI LE GYE…
