उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Enjoy Every Movement of life!
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Amar rahegi mohobbat meri
Mere jazbatan ch vi
Mere alfazan ch vi..!!
ਅਮਰ ਰਹੇਗੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਮੇਰੀ
ਮੇਰੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ‘ਚ ਵੀ
ਮੇਰੇ ਅਲਫਾਜ਼ਾਂ ‘ਚ ਵੀ..!!
”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”