Tere te chadeyaan na muhobat da rang kade
te asin utran na dayiye
us rang nu kade
ਤੇਰੇ ਤੇ ਚੜਿਆ ਨਾ ਮੁਹੋਬਤ ਦਾ ਰੰਗ ਕਦੇ
ਤੇ ਅਸੀਂ ਉਤਰਨ ਨਾ ਦਈਏ
ਉਸ ਰੰਗ ਨੂੰ ਕਦੇ
Tere te chadeyaan na muhobat da rang kade
te asin utran na dayiye
us rang nu kade
ਤੇਰੇ ਤੇ ਚੜਿਆ ਨਾ ਮੁਹੋਬਤ ਦਾ ਰੰਗ ਕਦੇ
ਤੇ ਅਸੀਂ ਉਤਰਨ ਨਾ ਦਈਏ
ਉਸ ਰੰਗ ਨੂੰ ਕਦੇ
बहुत से मौसम बदलें शायद, हमें दिल की बात बताने में..
जो प्यार दबा कर रखा है, उस प्यार को उन्हें जताने में..
क्यूं पता नहीं, क्या वक्त लगे, दिल की बात जुबां
तक लाने में..
क्या और भी दूजा है हमसा?, बेबस, लाचार जमाने में..
उसकी एक मुस्कुराहट, मेरे दिल की कई हसरतों को जिंदा करती है..
उसके रूप की स्याही मानो, कई रंग मेरे दिल में भरती है..
नजाकत से भरी नजरें जैसे, कह रही हों के मुझपे मरती हैं..
जवाब में मेरी नजरें भी उसे, हाँ में इशारा करती हैं..
कहते-कहते कई बातों को, जुबान कई बार ठहरती है..
मन ही मन काफ़ी कुछ कहकर, कुछ भी कहने से डरती है..