
Na pharol sade dil diyaan kitaaban tu
je parrna chave tan ek akhar na padh pawegi tu
je sarna chave tan ek varka na saadh pawegi tu

Na pharol sade dil diyaan kitaaban tu
je parrna chave tan ek akhar na padh pawegi tu
je sarna chave tan ek varka na saadh pawegi tu
Sadi dosti goorhi rehni c
Je mein mohobbat da izhaar na kardi 💔
ਸਾਡੀ ਦੋਸਤੀ ਗੂੜ੍ਹੀ ਰਹਿਣੀ ਸੀ
ਜੇ ਮੈਂ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦਾ ਇਜ਼ਹਾਰ ਨਾ ਕਰਦੀ💔
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!