
fer ke ni langhi da
sajjna ve sajjan ban ke
sajjan ni thhaggi da

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Kinna changa lagda e..
Tera menu pyar naal samjha ke kuj kehna
Te mera adab naal teri har gall mann lena..!!
ਕਿੰਨਾਂ ਚੰਗਾ ਲੱਗਦਾ ਏ..
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਸਮਝਾ ਕੇ ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ
ਤੇ ਮੇਰਾ ਅਦਬ ਨਾਲ ਤੇਰੀ ਹਰ ਗੱਲ ਮੰਨ ਲੈਣਾ..!!❤️❤️