
fer ke ni langhi da
sajjna ve sajjan ban ke
sajjan ni thhaggi da

दोस्ती
प्यार का मीठा दरिया है
पुकारता है हमें
आओ, मुझमें नहाओ
डूबकी लगाओ
प्यार का सौंधा पानी
हाथों में भर कर ले जाओ
आओ
जी भर कर गोता लगाओ
मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ
जेबों में भर कर ले जाओ
दोस्ती का दरिया
गहरा है, फैला है
इसमें नहीं तैरती
धोखे की छोटी नौका
कोशिश की तो
बचने का नहीं मिलेगा मौका
Bekadri kar rukhe ho tur Jana
Eda nahio chahan hundiya..!!
Befikre ho nhi saunde sajjna
Jinna nu parwahan hundiya..!!
ਬੇਕਦਰੀ ਕਰ ਰੁੱਖੇ ਹੋ ਤੁਰ ਜਾਣਾ
ਏਦਾਂ ਨਹੀਂਓ ਚਾਹਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ..!!
ਬੇਫ਼ਿਕਰੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਸੌਂਦੇ ਸੱਜਣਾ
ਜਿੰਨਾਂ ਨੂੰ ਪਰਵਾਹਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ..!!